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VBU में 100 दिनों में छात्र संघ चुनाव कराने के आश्वासन पर NSUI का आमरण अनशन समाप्त

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द फॉलोअप डेस्क
विनोबा भावे विश्वविद्यालय में बीते सात वर्षों से लंबित छात्र संघ चुनाव सहित 21 सूत्री मांगों को लेकर एनएसयूआई द्वारा शुरू किया गया आमरण अनशन गुरुवार को समाप्त हो गया। एनएसयूआई ने सोमवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की शुरुआत की थी, जो लगातार तीन दिनों तक चली। छात्र हितों से जुड़े इस आंदोलन को समाप्त कराने में झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री सह जिला अध्यक्ष जयप्रकाश भाई पटेल और झारखंड हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष जयशंकर पाठक की अहम भूमिका रही। विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र संगठनों के बीच कई दौर की वार्ता के बाद अंततः सहमति बनी, जिसके तहत 100 दिनों के भीतर छात्र संघ चुनाव संपन्न कराने का आश्वासन दिया गया। इसके अलावा अन्य मांगों पर भी सकारात्मक पहल करने की बात कही गई, जिसके बाद अनशन समाप्त किया गया।


अनशन के दौरान एनएसयूआई प्रतिनिधिमंडल और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच कई बार बातचीत हुई, लेकिन प्रारंभिक दौर में किसी ठोस निष्कर्ष पर सहमति नहीं बन सकी। देर रात विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. चंद्रभूषण शर्मा के साथ हुई वार्ता के बाद गुरुवार को एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयप्रकाश भाई पटेल, जयशंकर पाठक सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी और छात्र प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि छात्र संघ चुनाव 100 दिनों के भीतर कराए जाएंगे तथा अन्य मांगों पर न्यायोचित निर्णय लेते हुए चरणबद्ध तरीके से समाधान निकाला जाएगा। इस मौके पर छात्र कल्याण संकाय अध्यक्ष विकास कुमार ने कहा कि छात्र संघ से सकारात्मक वार्ता हुई है और विश्वविद्यालय प्रशासन छात्र हितों को लेकर गंभीर है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन मांगों पर विचार संभव है, उन पर उचित निर्णय लिया जाएगा।


भूख हड़ताल पर बैठे एनएसयूआई हजारीबाग इकाई के जिला अध्यक्ष अभिषेक राज कुशवाहा और राजेश कुमार ने अनशन समाप्त होने के बाद कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह छात्र हित और लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली के लिए था। अभिषेक राज ने कहा कि सात वर्षों से छात्र संघ चुनाव न होना छात्रों के संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा 100 दिनों के भीतर चुनाव कराने का आश्वासन दिया गया है, लेकिन यदि यह वादा पूरा नहीं हुआ तो एनएसयूआई दोबारा आंदोलन के लिए बाध्य होगी। उन्होंने बताया कि आंदोलन में छात्र संघ चुनाव की अविलंब घोषणा, अनियमित सत्र में सुधार, बंद ब्वॉयज हॉस्टल को पुनः चालू करने, शिक्षकों की कमी दूर करने, पीएचडी प्रवेश परीक्षा की तिथि घोषित करने, शोधार्थियों के कथित प्रशासनिक शोषण पर रोक, बंद जिम और खेल गतिविधियों को पुनः प्रारंभ करने, खेल निदेशक को हटाने, कैंटीन व्यवस्था सुधारने, सेल्फ फाइनेंस विभागों में शिक्षकों की नियुक्ति, प्लेसमेंट सेल को सक्रिय करने और सुरक्षा एजेंसी को हटाने जैसी प्रमुख मांगें शामिल थीं। कांग्रेस नेताओं ने भी कहा कि यह आंदोलन छात्र हित में था और उचित आश्वासन मिलने के बाद ही अनशन समाप्त कराया गया।

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